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बुनियाद को हाथी के बाद अब हाथ का सहारा

>> Friday, 20 March 2009

जिले में तेज़ी से बदलते राजनैतिक माहौल में आख़िर कार आज बसपा ने बुनियाद की बुनियाद हिला कर लहरपुर नगर पालिका की अध्यक्ष कैसर जहाँ को अपना सीतापुर से प्रत्याशी घोषित कर दिया। जैसा कि कल से ही लगने लगा था कि थानाध्यक्ष लहरपुर की शिकायत के बाद शायद ही बुनियाद पर बसपा दांव लगाये आज वैसा ही हो गया। जनपद में राम आसरे वर्मा के स्थान पर भाजपा के ज्ञान तिवारी के आने के बाद से ही सारे समीकरण बिगड़ने लगे थे। चुनाव घोषित होने के पहले जो एक दूसरे के विरोधी थे वे आज एक दूसरे की बाँहों में झूले झूल रहे हैं। रंजना बाजपाई अब बसपा में हैं तो बुनियाद को हाथी से उतरने के बाद हाथ अच्छा लगने लगा है। जिस तरह से सभी प्रमुख दलों के प्रत्याशी सामने आ चुके हैं पर कांग्रेस अपनी परिपाटी के अनुसार आखिरी समय तक इंतज़ार कर रही है, ऐसे में बुनियाद की नाराज़गी का फायदा कांग्रेस भी उठाना चाहेगी। जिले में कांग्रेस में भी हाजी जलीस अंसारी ख़ुद एक प्रत्याशी है तो वे किसी भी कीमत पर बुनियाद को कांग्रेस में देखना पसंद नहीं करेंगें। फिलहाल चुनाव के इस मौसम में दलीय निष्ठा को त्याग कर दूसरे से हाथ मिलाने वालों को चुनाव के बाद क्या मिलेगा यह तो समय ही बताएगा पर लहरपुर के विधायक जासमीर अंसारी पर अब अपनी धर्म-पत्नी को संसद तक पहुँचाने के लिए बहुत दबाव होगा क्योंकि राजनीति के अखाड़े के पुराने खिलाड़ी बुनियाद के साथ इस तरह से पार्टी के व्यवहार के बाद किसी के लिए भी चुनाव में बहुत सारी मुश्किलें ही आने वाली हैं। फिल हाल भाजपा इस सारी चुनावी तिकड़म को पूरे मज़े से देख रही है क्योंकि उसके घर में सीतापुर में तो कम से कम कोई झगडा नहीं है।


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