तब्लीगी इज़्तेमा आज से
>> Saturday, 20 December 2014
अगर आपको कुछ अच्छा लग रहा है तो दूसरों को बताएं और स्वयं प्रशंसक बनें..
हमारा प्रयास है की हम विश्व में कहीं भी रहने वाले लहरपुर के नागरिकों को यहाँ की गतिविधि दिखा सकें
आखिर कार लहरपुर की बदकिस्मत लड़की जिसका जनवरी माह में अपहरण कर लिया गया था अंत में सीतापुर महिला थाने में ५ दिन बिताने के बाद हिंदुस्तान अख़बार के प्रयास से घर वापस आ ही गयी. उल्लेखनीय है कि इस लड़की का अपहरण कर लिया गया था और मानवाधिकार आयोग के आदेश पर जिलाधिकारी सीतापुर ने लहरपुर पुलिस को किनारे कर के छापा मारकर बरामद किया था. इसे केवल जांच के नाम पर सीतापुर में बैठाये रखा गया और उसके घर वालों से भी मिलने नहीं दिया जा रहा था. अगर प्रदेश में महिला थानों की सच्चाई यही है तो जल्द ही ऐसे थानों को बंद कर दिया जाना चाहिए. कम से कम पुरुषों के बीच में अपने को कोई असुरक्षित महसूस करे वो ज्यादा अच्छा है बजाय इसके कि किसी महिला पुलिस कर्मी द्वारा सताया जाना. फिलहाल इस तरह की घटनाएँ तो केवल हमारी व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह ही लगाती रहेंगीं ?
अगर आपको कुछ अच्छा लग रहा है तो दूसरों को बताएं और स्वयं प्रशंसक बनें..
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